saahityshyamसाहित्य श्याम

यह ब्लॉग खोजें

Powered By Blogger
समाज बुराई लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
समाज बुराई लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शनिवार, 22 अगस्त 2009

शूर्पणखा--अगीत विधा महाकाव्य ---






मूल उद्देश्य --कोई कैसे व क्यों बुरा बन जाता है ,नारी के पतन में -पुरूष,समाज,व स्वयं नारी की क्या-क्या भूमिकाएँ होतीं हैं तथा कैसे रोकने का प्रयत्न किया जासकता है।
रचयिता-- डा .श्याम गुप्त